ब्यूरो रिपोर्ट - शमीम अहमद
सहारनपुर में भारतीय शिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम गौतम ने मृत्यु भोज प्रथा को खत्म करने का लिया निर्णय लोगों को किया जागरूक।
सहारनपुर के थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव खुब्बनपुर में तीन दिन पहले हुए एक हादसे में बसपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विशंभर सिंह सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शुक्रवार को गांव के सर्व समाज ने सामूहिक रूप से मृत्यु भोज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। यह हादसा उस समय हुआ जब विशंभर सिंह गांव के करणपाल और अपील के साथ खेत पर गेहूं की बुवाई कर ट्रैक्टर से लौट रहे थे। रास्ते में गांव मद के पास एक खेत में ट्रैक्टर पलटने से तीनों उसके नीचे दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस अवसर पर भारतीय शिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम गौतम गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को मृत्यु भोज की परंपरा से दूर रहने का संदेश दिया। जयराम गौतम ने कहा कि किसी परिवार के सदस्य की मौत के बाद आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर परिवार पर भोज का आयोजन करना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से इस परंपरा को समाप्त कर समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
गौतम के आह्वान पर गांव के सर्व समाज के लोगों ने एकजुट होकर मृत्यु भोज का त्याग किया। उन्होंने इस पर होने वाले खर्च को मृतकों के परिजनों की मदद के रूप में देने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने मिलकर करीब 20 हजार रुपये की राशि एकत्र की, जिसे जयराम गौतम की मौजूदगी में मृतक परिवारों को सौंपा गया।
जयराम गौतम ने बताया कि उनका ट्रस्ट देशभर में ऐसी परंपराओं को खत्म करने के लिए अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज किसी भी परिवार के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक भार हो सकता है। उन्होंने समाज में ऐसी सोच विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जहाँ शोक के समय अनावश्यक खर्च से बचा जा सके।


