सहारनपुर में पैदा हुआ एक और मुख्तियार उर्फ बाबू गाढा, लोगों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जे के लगे गंभीर आरोप ।

Hamare Sapne News

ब्यूरो रिपोर्ट - शमीम अहमद सहारनपुर 


सहारनपुर में पैदा हुआ एक और मुख्तियार उर्फ बाबू गाढा, लोगों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जे के लगे गंभीर आरोप ।




सहारनपुर में मुख्तियार उर्फ बाबू गाड़ा का जमीनों पर अवैध कब्जा पीड़ितों ने सहारनपुर एसएसपी कार्यालय पहुंचे लगाई न्याय की गुहार, सहारनपुर के थाना देवबंद क्षेत्र का पूरा मामला, आपने मुख्तियार अंसारी का नाम तो सुना ही होगा जिसको योगी सरकार ने सिरे से खत्म कर दिया है, लेकिन अब ऐसा ही मुख्तियार उर्फ बाबू गड़ा सहारनपुर के थाना देवबंद क्षेत्र में तेजी से उभर कर सामने आ रहा है, जिसने अनेकों लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया हुआ है, सहारनपुर रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे पीड़ितों ने मुख्तियार उर्फ बाबू गधा और उसके बेटों पर भूमि पर अवैध कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं, पीड़ितों का आरोप है कि काफी लंबे समय से मुख्तियार उर्फ बाबू गाढ़ा जिले भर में धांधली कर गरीब लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जा कर रहा है जिसकी शिकायत काफी बार पुलिस को की गई है लेकिन इस पर आज तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है, आज भी दर्जनों की तादात में सहारनपुर रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे पीड़ितों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है मुख्तियार उर्फ बाबू गाढ़ा के ऊपर पहले भी काफी मुकदमे दर्ज हैं,





देवबंद क्षेत्र से सामने आया है देवबंद क्षेत्र के कुछ लोगों ने  जमीन के बैनामे को लेकर  फर्जीवाड़े के आरोपो लगायें है, पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर प्रभावशाली लोगों के दबाव में निष्पक्ष कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए मामले की विवेचना किसी अन्य थाने या सर्किल स्तर से कराए जाने की मांग की है, पीड़ित इस्तायक अहमद पुत्र नफीश अहमद, निवासी प्रामा का आरोप है कि उन्होंने खसरा संख्या 380 स्थित करजाल रोड, देवबंद में 24 जनवरी 2024 और 8 अप्रैल 2024 को विधिवत बैनामा कराकर भूमि खरीदी थी। बैनामे के बाद उन्हें भूमि पर कब्जा और पूर्ण स्वामित्व भी मिल चुका था।

इस्तायक अहमद का आरोप है कि मुख्तयार अहमद उर्फ बाबू गड़ा पुत्र शमशुल इस्लाम और उसके पुत्र अहमद गौड़ समेत अन्य साथियों ने आपराधिक साजिश के तहत कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से उसी जमीन का दोबारा बैनामा करा लिया।

पीड़ित की तहरीर पर थाना देवबंद में अभियोग संख्या 75/26 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इसके बावजूद पीड़ित का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनसे उसकी जान-माल को खतरा बना हुआ है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि खानकाह चौकी क्षेत्र में आने वाले इस मामले की विवेचना को प्रभावित करने के लिए आरोपी अपने प्रभावशाली संपर्कों का सहारा लेकर चौकी स्तर पर दबाव बना रहे हैं।

तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ पहले भी वक्फ की संपत्ति बेचने के मामले में वर्ष 2024 में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज हो चुका है। उस प्रकरण में आरोपियों को पर्याप्त समय मिलने के कारण उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर ली थी और फिलहाल उस मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हो चुका है।

पीड़ित का साफ आरोप है कि देवबंद क्षेत्र में आरोपियों की राजनीतिक और सामाजिक पकड़ इतनी मजबूत है कि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष विवेचना की उम्मीद नहीं बची है।

इसी को लेकर पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि थाना देवबंद से मामले की विवेचना हटाकर सर्किल के किसी अन्य थाने अथवा स्वतंत्र अधिकारी को सौंपी जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।

व्हाट्सऐप चैनल हमारे सपने को जॉइन करें Click Now

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top