ब्यूरो रिपोर्ट - शमीम अहमद
हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बावजूद आरोपी फरार, गिरफ्तारी में देरी पर उठे सवाल।
सहारनपुर जनपद में दर्ज एक गंभीर आपराधिक मामले में नामजद मुख्य आरोपी इफ्तिखार उर्फ हैदर सहित अन्य आरोपियों को न्यायालय से राहत न मिलने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में तस्करी, जान से मारने के प्रयास और धोखाधड़ी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, सह-अभियुक्त इज़हार और तालिब की जमानत याचिकाएं भी न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस या संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। मामले से जुड़े कुछ बिंदुओं को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं, जिनमें आरोपियों की गतिविधियों और संभावित नेटवर्क को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा अभी नहीं की गई है। कुछ रिपोर्ट्स में वित्तीय लेन-देन और कंपनियों से जुड़े पहलुओं की जांच की बात भी सामने आई है, हाल ही में सामने आए एक जीएसटी से जुड़े प्रकरण में भी इन के नामों की चर्चा बताई जा रही है, जिसकी जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
प्रार्थी मरग़ूब आलम के अनुसार, आरोपियों द्वारा तकनीकी साधनों का उपयोग कर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई गई है। इस संबंध में जांच एजेंसियां तथ्यों का सत्यापन कर रही हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि जांच एजेंसियां आरोपियों के संभावित संपर्कों और नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा। पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। प्रार्थी का कहना है कि उन्हें न्याय प्रणाली पर पूर्ण विश्वास है और उम्मीद है कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष तरीके से कार्य करते हुए जल्द ही मामले का खुलासा करेंगी, और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए इनको जेल भेजा जाएगा, अब देखने वाली बात यह है जिस तरह से आरोपी सरेआम घूम रहे हैं और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं पुलिस इन पर कब तक कठोर और बड़ी कार्रवाई करती है। सूत्रों द्वारा बताया यह भी जा रहा है कि आरोपी काफी रसुकदार अपने आप को बताते हैं और अरबी भाषा में बात करके लोगों को झांसे में लेते हैं और लोगों पर अपना रोब ग़ालिब करते हैं, इसी के साथ नेताओं और अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाना इनका शौक भी बताया जाता है, जिसका यह बाद में गलत उपयोग करके लोगों को भ्रम में लेते हैं। जिस के बाद लोगों को झांसे में लेना इनके लिए बड़ा आसान हो जाता है और लोग इनकी बातों में आकर ठगी का शिकार हो जाते हैं, सरकार और पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि इस तरह के नकाबपोश लोगों का खुलासा करते हुए गरीब मासूम लोगों को इनके चंगुल में फंसने से बचाया।
पूर्ण खबर सूत्रों के आधार पर।
किसी भी व्यक्ति विशेष को बदनाम या टारगेट करना नहीं है सिर्फ समाज में जागरूकता करना है


