रिपोर्ट - शमीम अहमद सहारनपुर
सहारनपुर में पसमांदा मंच की प्रेस कॉन्फ्रेंस: RSS को बताया मुस्लिमों का हितैषी, धर्मगुरुओं पर उठाए सवाल।
सहारनपुर में 2027 के चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में हिंदुस्तानी पसमांदा मंच ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कई बड़े बयान दिए। मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिजवान अंसारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों को विस्तार से रखा।
रिजवान अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तानी पसमांदा मंच देश के उस मेहनतकश मुस्लिम वर्ग की आवाज है, जिसने सदियों से अपनी मेहनत और कौशल से राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया, लेकिन सामाजिक भेदभाव, राजनीतिक उपेक्षा और तथाकथित सेक्युलर दलों की वोट बैंक राजनीति के कारण अपने अधिकारों से वंचित रहा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पसमांदा समाज अपनी अलग पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करे।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS को लेकर भी बड़ा बयान दिया। अंसारी ने कहा कि वर्षों से RSS के बारे में जो धारणाएं बनाई गईं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। उनके अनुसार RSS न तो मुसलमानों का दुश्मन है और न ही कट्टरता का प्रतीक, बल्कि यह एक ऐसा संगठन है जो राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की बात करता है।
वहीं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को RSS से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने ही समाज के उन लोगों से सावधान रहने की जरूरत है जो उन्हें गुमराह करते हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि पसमांदा मंच का संघर्ष केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



