रिपोर्ट - शमीम अहमद सहारनपुर
सहारनपुर में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप, दिव्यांग मां ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार, बेटी की बरामदी और सख्त कार्रवाई की मांग।
सहारनपुर जिले के थाना मंडी क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। खास बात यह है कि पीड़िता की मां दिव्यांग हैं और अपनी बेटी की बरामदगी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, पीड़िता रानी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि उनकी 15 वर्षीय बेटी मुस्कान को 27 मार्च की सुबह प्रवेज नाम का युवक घर के बाहर से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। घटना के बाद से ही लड़की का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
सहारनपुर से लापता नाबालिक किशोरी की मा रानी जानकारी देते हुए
जिससे परिवार बेहद परेशान और चिंतित है, रानी के अनुसार, इस पूरे मामले में प्रवेज अकेला नहीं है, बल्कि तरन्नुम और शाकिर नाम के दो अन्य लोग भी इस साजिश में शामिल हैं, उन्होंने बताया कि ये दोनों आरोपी पहले उनके घर के पास किराये पर रहते थे, लेकिन घटना से कुछ समय पहले ही अचानक मकान खाली कर कहीं और चले गए, इससे पीड़िता को पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी।
नाबालिक किशोरी को बहला फुसला कर ले जाने वाले युवक का फोटो ।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी अपने साथ घर से करीब 15 हजार रुपये नकद और शादी के लिए रखे गए सोने-चांदी के जेवरात भी ले गई है। परिवार को शक है कि यह सब आरोपियों के बहकावे में आकर किया गया है, मामले को लेकर जब रानी ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें कथित तौर पर धमकियां दी गईं। इस घटना के बाद से ही वह काफी डरी और सहमी हुई हैं।
दिव्यांग होने के कारण उन्हें अपनी बेटी की तलाश में और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, पीड़िता रानी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी बेटी के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है, फिलहाल, यह मामला पुलिस के संज्ञान में आ चुका है और अधिकारियों द्वारा जांच की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हुए नाबालिग की बरामदगी कर पाती है और आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाती है।



