सहारनपुर में संस्कृति संस्कार पाठशाला का हुआ उद्घाटन।

Hamare Sapne News

ब्यूरो रिपोर्ट - शमीम अहमद सहारनपुर 



सहारनपुर में संस्कृति संस्कार पाठशाला का हुआ उद्घाटन। 



सहारनपुर से एक सकारात्मक और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबर सामने आई है, जहां “संस्कृति संस्कार पाठशाला” संस्था द्वारा आज आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और भारतीय संस्कृति को सहेजने के इस प्रयास की सराहना की गई।



कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के नगर विधायक राजीव गुंबर पहुंचे। उनके साथ पूर्व महापौर संजय वालिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंगी बली राव सहित बड़ी संख्या में संस्था के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।




कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत फीता काटकर और पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के आधुनिक दौर में जहां नई पीढ़ी पश्चिमी संस्कृति की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है, वहीं अपनी जड़ों और परंपराओं को सहेजना बेहद जरूरी हो गया है।




संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंगबली राव ने इस मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि “संस्कृति संस्कार पाठशाला” का मुख्य उद्देश्य देश की उन प्राचीन परंपराओं और संस्कारों को पुनर्जीवित करना है, जो धीरे-धीरे समाज से लुप्त होती जा रही हैं। उन्होंने कहा आजकल कॉन्वेंट / आधुनिक शिक्षा के युग में विद्यार्थियों को वेस्टर्न कल्चर प्रदान की जा रही है जिसके कारण संस्कार का अभाव विद्यार्थियों में हो गया है इसलिए संस्कृति संस्कार पाठशाला नामक संस्था प्राइमरी शिक्षा के विद्यार्थियों को संस्कृति संस्कार शिक्षक के माध्यम भारतीय संस्कृति / संस्कारों की शिक्षा प्रदान की जायेगी ,

उन्होंने कहा कि पहले हमारे दैनिक जीवन में कई ऐसे संस्कार शामिल होते थे, जो न सिर्फ आध्यात्मिक रूप से बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी लाभकारी थे।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पहले लोग सुबह उठकर स्नान करते थे, सूर्य को नमस्कार करते थे, अपने हाथों की हथेलियों को देखकर ईश्वर का स्मरण करते थे, घर के बड़ों को प्रणाम करते थे और धरती माता को स्पर्श कर दिन की शुरुआत करते थे। लेकिन आज की युवा पीढ़ी इन परंपराओं से दूर होती जा रही है, जो चिंता का विषय है।

बजरंगबली राव ने आगे बताया कि संस्था का लक्ष्य है कि इन परंपराओं को फिर से जन-जन तक पहुंचाया जाए और विशेष रूप से बच्चों में संस्कारों की नींव मजबूत की जाए। इसी उद्देश्य से “संस्कृति संस्कार पाठशाला” के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन शैली के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि संस्था का विस्तार लगातार किया जा रहा है और अब तक देश के छह राज्यों में इस प्रकार की पाठशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इन पाठशालाओं से 1000 से अधिक बच्चे जुड़ चुके हैं, जो नियमित रूप से यहां आकर भारतीय संस्कारों और परंपराओं की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना की और आशा जताई कि यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। संस्था ने भी संकल्प लिया कि आने वाले समय में हर जिले में “संस्कृति संस्कार पाठशाला” की स्थापना की जाएगी, ताकि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर उतर प्रदेश का प्रदेश परियोजना अधिकारी / संयोजक डॉ संजीव दुर्जन को बनाया गया इस अवसर पर पूर्व भाजपा ज़िला मंत्री अरुण यादव , प्रथम पार्षद नितिन सिंघल , भाजपा नेता योगेश रावल , अमित ,शिवकुमार प्रधान , अजय , आकाश, राजबीर, बबलू, रघुनन्दन चौहान आदि उपस्थित रहे। 

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