ब्यूरो रिपोर्ट - शमीम अहमद सहारनपुर
ढमोला नदी पर अवैध कब्जे का आरोप, बृजेश नगर में मिट्टी भराव से बिगड़ा जल निकास,2013–2023 की बाढ़ दोहराने का खतरा,प्रशासन मौन
सिंचाई विभाग की जमीन पर डेयरी संचालक का अवैध कब्जा, धमोला नदी में मिट्टी का भराव कर किया कब्जा, सहारनपुर रेलवे पुल के पास थाना सदर बाजार क्षेत्र के बृजेश नगर में ढमोला नदी की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि ढमोला नदी में मिट्टी का भराव कर एक डेयरी संचालक द्वारा वर्षों से सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे हुए है।स्थानीय लोगों के अनुसार पहले ढमोला नदी अपने प्राकृतिक बहाव में सीधी बहती थी, लेकिन डेयरी संचालक ने नदी में मिट्टी डलवाकर पानी का रास्ता बदल दिया। आरोप है कि इसके बाद धीरे-धीरे नदी की जमीन पर कब्जा कर वहां डेयरी संचालित की जाने लगी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अवैध भराव का खामियाजा उन्हें हर बरसात में भुगतना पड़ता है। बारिश के समय ढमोला नदी का पानी मुड़कर उनके घरों और गलियों में भर जाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 और 2023 में नदी के उफान पर आने से पूरे इलाके में भारी तबाही मची थी और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ था।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाए हैं कि डेयरी में मरने वाले पशुओं को बोरे में भरकर धमोला नदी में फेंक दिया जाता है, जिससे दुर्गंध फैलती है और बीमारी का खतरा बना रहता है। आरोप है कि कुत्ते इन बोरो को नदी किनारे और गलियों तक घसीटते हैं।क्षेत्रवासियों ने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम के नगर आयुक्त और महापौर ने मौके पर पहुंचकर अवैध डेयरी का निरीक्षण किया था और कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
फिलहाल नगर निगम द्वारा ढमोला नदी के किनारे जेसीबी से मिट्टी का भराव कराया जा रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि अवैध डेयरी को हटाए बिना यह काम अधूरा साबित होगा। स्थानीय लोगों और पार्षद ने मांग की है कि सिंचाई विभाग की जमीन से अवैध कब्जा हटाकर ढमोला नदी के प्राकृतिक बहाव को बहाल किया जाए।




