सहारनपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर इफ्तिख़ार राजपूत उर्फ़ हैदर राजपूत पुत्र एजाज़ अहमद भोपाली, निवासी खजूर तला, सहारनपुर सहित अन्य नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश दिए जाने के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रकरण की जाँच वर्तमान में पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।

Hamare Sapne News

ब्यूरो रिपोर्ट 






सहारनपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर इफ्तिख़ार राजपूत उर्फ़ हैदर राजपूत पुत्र एजाज़ अहमद भोपाली, निवासी खजूर तला, सहारनपुर सहित अन्य नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश दिए जाने के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रकरण की जाँच वर्तमान में पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही है।


शिकायतकर्ता मरगूब आलम, निवासी टोपियो सराय, थाना मंडी, जनपद सहारनपुर ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, जानलेवा हमला, प्रतिबंधित स्टील से जुड़ी गतिविधियाँ, हवाला लेन-देन, आय से अधिक संपत्ति अर्जन तथा गिरोहबंद तरीके से अवैध कार्य किए गए हैं।


शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने पूर्व में ज़हूर अहमद भोपाली के नाम से नखासा बाज़ार, सहारनपुर में एक सुनार की दुकान संचालित की, जहाँ ज़ेवर बनवाने के नाम पर लोगों से धनराशि एकत्र करने के आरोप हैं। इसके पश्चात वह कथित रूप से फरार हो गया। बाद में खजूर तला क्षेत्र में रहते हुए छोटे-मोटे अवैध कार्यों में संलिप्त रहने के बाद वह अपने परिवार सहित मुंबई चला गया, जहाँ भी लोगों से धन एकत्र करने की शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। कई वर्षों बाद वह पुनः सहारनपुर लौटा।

शिकायतकर्ता मरगूब आलम के अनुसार इफ्तिख़ार राजपूत उर्फ़ हैदर राजपूत ने स्टील कारोबार में निवेश का प्रलोभन देकर उनसे लगभग ₹45 लाख रुपये प्राप्त किए। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि धनराशि की वापसी के आश्वासन के दौरान शिकायतकर्ता का एक मकान आरोपी के भाई इज़हार उर्फ़ हसन के नाम बैनामा कराया गया। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता का कहना है कि भुगतान के लिए दिए गए चेकों का भुगतान नहीं हुआ।


शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि धनराशि की माँग अथवा शिकायत करने की बात पर शिकायतकर्ता एवं उनके परिवार को कथित रूप से धमकियाँ दी गईं। इसके अतिरिक्त 25 अक्टूबर 2025 को शिकायतकर्ता पर नुकीली वस्तु से हमला किए जाने का भी आरोप है, जिसमें उनके घायल होने की बात कही गई है।


शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित व्यक्ति ड्राइवर वीज़ा पर सऊदी अरब गया था, जहाँ कथित रूप से तस्करी, हवाला एवं अन्य अवैध आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने तथा अल्प समय में बड़ी संपत्ति अर्जित करने की बात कही गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्ति अपने कथित पार्टनर ग़यूर आलम (नूरा ट्रेडिंग) के माध्यम से चीन से भारत में प्रतिबंधित J2 स्टील के आयात, फ़र्ज़ी कंपनियों के ज़रिए कस्टम जाँच को प्रभावित कराने तथा हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।


राजनीतिक संरक्षण व प्रभाव जमाने को लेकर आरोप


मरगूब आलम ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा राजनीतिक संरक्षण का आभास देने के उद्देश्य से कुछ नेताओं को महंगे उपहार देकर तथा कारोबार का प्रलोभन देकर संबंध मज़बूत करने का प्रयास किया जाता रहा है तथा आरोपी हैदर जगह जगह कहता फिरता है कि मैं नेताओं को बिज़नेस क्लास से सफ़र करता हूँ और ये नेता तो मेरी जेब में है !


शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित व्यक्ति हाल के समय में अपराधिक पृष्ठभूमि वाले कुछ व्यक्तियों एवं कुछ राजनीतिक लोगों के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देता रहा है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो वह सोशल मीडिया पर भी साझा करता रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार आम लोगों पर भय और दबाव बनाने का प्रयास किया गया।


मरगूब आलम ने स्पष्ट किया है कि ये सभी तथ्य उनकी शिकायत में दर्ज आरोप एवं आशंका के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं,

मरगूब आलम ने आशंका व्यक्त की है कि जिस प्रकार कथित रूप से प्रतिबंधित J2 स्टील को कूट-रचित दस्तावेज़ों के आधार पर क्लियर कराया जाता है, उसी प्रक्रिया के माध्यम से अन्य हानिकारक अथवा संदिग्ध सामग्री भी देश में लाई जा सकती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती है।


शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति एवं उसके परिवार के नाम दर्ज चल-अचल संपत्तियाँ, बैंक खाते तथा वित्तीय लेन-देन उसकी ज्ञात वैध आय की तुलना में अधिक प्रतीत होते हैं, जिस पर विस्तृत जाँच अपेक्षित है।


मरगूब आलम की अपील


मरगूब आलम ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए, ताकि वह फरार होकर जाँच को प्रभावित न कर सके। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि प्रकरण की उच्च-स्तरीय एवं निष्पक्ष जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) तथा विशेष कार्य बल (STF) जैसी एजेंसियों के माध्यम से कराई जाए।


उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल समय लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाक़ात करेगा और पूरे मामले से उन्हें अवगत कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की माँग की जाएगी।

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