ब्यूरो रिपोर्ट -शमीम अहमद सहारनपुर
सहारनपुर में युवा कांग्रेस नेता मुस्तफा सिद्दीकी हाउस अरेस्ट, बोले— लोकतंत्र और संविधान की हो रही हत्या, सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप
सहारनपुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले सहारनपुर में युवा कांग्रेस नेता मुस्तफा सिद्दीकी को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद मुस्तफा सिद्दीकी ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और सरकार की नीतियों का विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन से पहले ही नेताओं को घरों में नजरबंद किया जा रहा है।
युवा कांग्रेस नेता मुस्तफा सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह महज 22 वर्ष के युवा हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को उठाना कोई गलत काम नहीं है। इसके बावजूद उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया। मुस्तफा ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया।
हाउस अरेस्ट को लेकर सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना
मुस्तफा सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध की आवाज को सुना जाना चाहिए। यदि विपक्ष किसी मुद्दे पर सवाल उठाता है तो उसका जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए, न कि विरोध-प्रदर्शन को रोककर। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की कार्रवाई से ऐसा प्रतीत होता है कि असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि घर पर पुलिस की तैनाती और हाउस अरेस्ट जैसी कार्रवाई से उनका मनोबल कमजोर नहीं होगा। उनका दावा है कि वह कांग्रेस की विचारधारा के साथ खड़े हैं और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे। मुस्तफा ने कहा कि जब तक राहुल गांधी जमीन पर रहकर आम जनता की आवाज उठाते रहेंगे, तब तक वह भी उनके साथ खड़े रहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे।
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर उठाए सवाल
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुस्तफा सिद्दीकी ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी फर्जी मतदाताओं और चुनावी प्रक्रिया में संभावित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ स्तर पर भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुस्तफा के मुताबिक, निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनी रहे। यदि मतदाता सूची को लेकर किसी भी तरह की शिकायत सामने आती है तो उसका उचित तरीके से परीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और वोट चोरी से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब तथा स्वतंत्र रूप से उनकी पुष्टि होना भी जरूरी है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बताया संवैधानिक अधिकार
दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज से जुड़े सवाल पर भी मुस्तफा सिद्दीकी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनता और राजनीतिक दलों को अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन को रोकने और नेताओं को हिरासत में लेने जैसी कार्रवाई से लोकतांत्रिक संवाद प्रभावित होता है। मुस्तफा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती इस बात में है कि सरकार आलोचना और सवालों को सुने तथा जनता के सामने उठने वाले मुद्दों का जवाब दे।
युवा कांग्रेस नेता ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को अपने विचार रखने और लोकतांत्रिक तरीके से असहमति जताने का अधिकार देता है। उनके अनुसार, इन अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन के समर्थन की बात
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी मुस्तफा सिद्दीकी ने अपनी राजनीतिक राय रखी। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन का समर्थन करते हुए कहा कि वह कांग्रेस के सिपाही हैं और गठबंधन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को जनता के विरोध और सवालों का सामना करना पड़ सकता है। मुस्तफा के मुताबिक, विपक्षी दलों को जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाएंगे और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाएंगे। हालांकि, आगामी चुनाव में किस दल को जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला चुनाव परिणामों से ही स्पष्ट होगा।
हाउस अरेस्ट के बाद राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार
सहारनपुर में युवा कांग्रेस नेता मुस्तफा सिद्दीकी को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। एक ओर कांग्रेस नेता इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं, वहीं पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कार्रवाई के कारणों और परिस्थितियों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, मुस्तफा सिद्दीकी ने स्पष्ट किया है कि वह मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, चुनावी पारदर्शिता और विपक्ष की आवाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि हाउस अरेस्ट से उनका मनोबल टूटने वाला नहीं है और वह कांग्रेस नेतृत्व के साथ मिलकर जनता के मुद्दों पर काम करते रहेंगे।



